बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने जोरदार वापसी करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक को लेकर बनी अनिश्चितता के बावजूद घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल हावी रहा। दोपहर के कारोबार तक बीएसई सेंसेक्स 960 अंकों से अधिक की छलांग लगाकर 77,700 के पार पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,250 के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार की इस मजबूती के पीछे आईटी, एफएमसीजी और चुनिंदा केमिकल शेयरों में तेज खरीदारी सबसे बड़ा कारण रही। जबरदस्त शुरुआत, पूरे दिन रही खरीदारी बाजार खुलने से पहले ही गिफ्ट निफ्टी के मजबूत संकेत मिल चुके थे। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स 650 अंकों से ज्यादा चढ़ गया और निफ्टी ने भी मजबूत शुरुआत की। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, निवेशकों का भरोसा बढ़ता गया और दोनों प्रमुख सूचकांक दिन के उच्च स्तर के करीब पहुंच गए। मंगलवार को हल्की कमजोरी के बाद आई इस तेजी ने संकेत दिया कि घरेलू निवेशकों का भरोसा अभी भी भारतीय बाजार पर कायम है। खासकर तिमाही नतीजों के मौसम में मजबूत कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। आईटी और एफएमसीजी ने संभाली बाजार की कमान आज की रैली में सबसे अधिक योगदान आईटी सेक्टर का रहा। इंफोसिस, टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इंफोसिस शुरुआती कारोबार में लगभग चार प्रतिशत तक मजबूत हुआ। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर ने पिछले कारोबारी सत्र की गिरावट से शानदार वापसी करते हुए टॉप गेनर्स में जगह बनाई। एलएंडटी और टाटा स्टील जैसे शेयरों ने भी बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। निवेशकों ने उन कंपनियों में ज्यादा रुचि दिखाई जिनके तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने की संभावना जताई जा रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दिखा दम तेजी सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। इससे साफ संकेत मिला कि बाजार की मजबूती व्यापक रही और निवेशकों का भरोसा छोटे एवं मझोले शेयरों पर भी बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि जब बड़ी और छोटी दोनों श्रेणी के शेयरों में एक साथ खरीदारी होती है, तो यह बाजार के मजबूत सेंटीमेंट का संकेत माना जाता है। इन सेक्टरों में रही सबसे ज्यादा हलचल आईटी और केमिकल सेक्टर ने आज सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर रियल्टी और ऑयल एंड गैस शेयर अपेक्षाकृत कमजोर रहे। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर ऑयल सेक्टर पर साफ दिखाई दिया, जबकि बैंकिंग शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। अदाणी पोर्ट्स जैसे कुछ बड़े शेयर दबाव में रहे, लेकिन उनकी कमजोरी बाजार की कुल तेजी को प्रभावित नहीं कर सकी। इन शेयरों ने बनाई सुर्खियां व्यापक बाजार में फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस, पारादीप फॉस्फेट्स, केयंस टेक्नोलॉजी, हनीवेल ऑटोमेशन, स्विगी और सोनाटा सॉफ्टवेयर जैसे शेयरों में तेज उछाल दर्ज किया गया। इनमें कई शेयरों में दोहरे अंक की तेजी देखने को मिली। हालांकि विशेषज्ञों ने ऐसे अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले शेयरों में निवेश करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि इनमें जोखिम भी अपेक्षाकृत अधिक रहता है। वैश्विक तनाव के बावजूद भारतीय बाजार मजबूत पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल बना रहा। कच्चे तेल की कीमतों में चार प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज हुई, जिससे तेल आयात करने वाले देशों की चिंताएं बढ़ीं। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार दबाव में रहे, जबकि हांगकांग का बाजार मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। अमेरिका में भी डाउ जोंस बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक में हल्की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद भारतीय बाजार ने घरेलू कारकों के दम पर मजबूती दिखाई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि फिलहाल निवेशकों का भरोसा स्थानीय अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट आय पर अधिक केंद्रित है। फेड की बैठक और कच्चे तेल पर नजर निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी बैठक पर भी टिकी हुई हैं। बाजार को उम्मीद है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही हलचल भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगे कच्चे तेल का असर महंगाई और रुपये दोनों पर पड़ सकता है। बुधवार को रुपये में भी डॉलर के मुकाबले हल्की कमजोरी दर्ज की गई। एफआईआई और डीआईआई की खरीदारी बनी सहारा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) दोनों ने बाजार में खरीदारी जारी रखी। विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को करीब ₹755 करोड़ की खरीदारी की, जबकि घरेलू निवेशकों ने ₹1,664 करोड़ से अधिक के शेयर खरीदे। लगातार संस्थागत निवेश बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। तिमाही नतीजों और आईपीओ पर फोकस आज कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निवेशकों की नजर रही। अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, डाबर इंडिया, आयशर मोटर्स, केपीआईटी टेक्नोलॉजी, कोलगेट-पामोलिव और अन्य कंपनियों के नतीजों को लेकर बाजार में खास उत्सुकता बनी रही। वहीं प्राथमिक बाजार भी सक्रिय रहा। मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का बड़ा आईपीओ निवेशकों के लिए खुल गया, जबकि कई अन्य कंपनियों के सार्वजनिक निर्गम भी चर्चा में रहे। आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल? तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 23,900 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,300 से 24,600 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस मौजूद है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कोई बड़ा वैश्विक घटनाक्रम या अमेरिकी फेड का फैसला सामने नहीं आता, तब तक बाजार इसी दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकता है। फिलहाल मजबूत तिमाही नतीजे, संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी और घरेलू निवेशकों का भरोसा बाजार को सहारा दे रहे हैं। हालांकि पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसले आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने वाले सबसे अहम कारक बने रहेंगे।